यूपी की 70 हजार छात्राओं को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी, 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को विधानसभा चुनाव से पहले तेजी से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार ने निर्णय लिया है कि पात्र छात्राओं को पेट्रोल स्कूटी के बजाय इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी, ताकि ईंधन खर्च कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

सरकार ने इस योजना के लिए 20 फरवरी 2025 को 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की अनुमानित कीमत लगभग 55 हजार रुपये बताई जा रही है। इस हिसाब से करीब 72 हजार से अधिक स्कूटी खरीदी जा सकती हैं, हालांकि प्रशासनिक और आयोजन संबंधी खर्चों को ध्यान में रखते हुए लगभग 70 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने की संभावना है।

योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और स्कूटी की तकनीकी विशेषताओं को तय करने के लिए 11 मार्च 2025 को दो समितियों का गठन किया गया था। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों से पिछले वर्ष स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण छात्राओं की सूची मांगी है।

स्कूटी वितरण में सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग वर्ग की छात्राओं को आरक्षण व्यवस्था के अनुसार लाभ दिया जाएगा। योगी आदित्यनाथ के समक्ष अधिकारियों द्वारा योजना की प्रस्तुति भी दी जा चुकी है। माना जा रहा है कि अगले छह महीनों के भीतर छात्राओं को स्कूटी वितरण शुरू हो सकता है।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक स्कूटी वितरण पर है। इससे छात्राओं का ईंधन खर्च घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। 400 करोड़ रुपये की योजना के तहत करीब 70 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की तैयारी चल रही है।


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